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लातेहार: जंगली सूअर के हमले में ग्रामीण गंभीर रूप से घायल, किडनी निकालने के डर से बिना इलाज कराये ही सदर अस्पताल से भागा

गोपी कुमार सिंह/लातेहार

लातेहार : जंगली सूअर के हमले में जिले के गारू प्रखंड के कोटम पंचायत निवासी आदिवासी ग्रामीण शिवरत्न सिंह पिता डोमन सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया है। घटना में घायल हुए शिवरत्न सिंह को परिजनों की मदद से गारू रेफरल अस्पताल ले जाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए लातेहार सदर अस्पताल रेफर कर दिया।

इस संबंध में घायल शिवरत्न सिंह ने बताया कि वह घर के पास शौच के लिए गया था तभी अचानक जंगली सूअर ने हमला कर दिया। जिससे शरीर के अंदरूनी हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं।

आगे बताया कि उनका घर जंगल से सटा हुआ है। इस तरह की घटना पहले कभी नहीं हुई थी। मेरे साथ यह पहली घटना है।

घटना की सूचना मिलते ही अनुसूचित जनजाति के जिलाध्यक्ष मंगल उरांव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल वन विभाग से इलाज के लिए 10 हजार की मदद दिलाई। वहीं गुरुवार की देर शाम मंगल उरांव ने पीड़िता के घर जाकर उसका हालचाल जाना।

बातचीत के दौरान पता चला कि शिव रत्न अपने परिवार के सदस्यों के साथ सदर अस्पताल से बिना इलाज कराए ही घर से भाग गया है। जानकारी के मुताबिक गांव के कुछ लोगों ने शिव रत्न को इस भ्रम में डाल दिया कि यहां किडनी निकाल दी जाएगी। तो इसी डर से सभी लोग अस्पताल से भाग कर घर आ गए। वहीं शिव रत्न की हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है।

इधर, मंगल उरांव ने तुरंत इस मामले की जानकारी डीएफओ मुकेश कुमार को दी। श्री कुमार ने शिव रत्न से फोन पर बात की और उनका हालचाल जाना और आश्वासन दिया कि अस्पताल में ऐसी चीजें नहीं होती हैं। अगर कभी भी ऐसा कोई संदेह हो तो तुरंत डीसी, एसपी को सूचित करें, सभी का कार्यालय पास में है।

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श्री कुमार ने शिव रत्न को इलाज के लिए अस्पताल जाने की सलाह दी है। श्री कुमार ने कहा कि जंगल में कई खतरनाक जानवर हैं। लोगों को जंगल में जाने से बचना चाहिए। लेकिन, इन बातों को दरकिनार कर ग्रामीण अक्सर लापरवाही से जंगल में घुस जाते हैं, इसलिए इस तरह की घटना हो जाती है।

हालांकि वन विभाग की ओर से 10 हजार रुपये शिवरत्न इलाज के लिए दिए गए हैं। श्री कुमार ने शिव रत्न को भविष्य में भी हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।

ज्ञात हो कि शिव रत्न की चार बेटियां और एक बेटा है। शिव रत्न घर में कमाने वाले इकलौते शख्स हैं। शिवरतन की कमाई से घर और बच्चों की पढ़ाई का खर्चा चलता है।


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