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झारखंड: प्रमाण पत्र सत्यापन नहीं कराने वाले सहायक अध्यापक होंगे कार्यमुक्त

रांची : राज्य सरकार ने ऐसे सहायक शिक्षकों को कार्यमुक्त करने की तैयारी कर ली है जो अपने प्रमाणपत्रों के सत्यापन में सहयोग नहीं कर रहे हैं। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद, झारखंड ने भी इस संबंध में सूचना जारी की है।

परिषद की राज्य परियोजना निदेशक किरण कुमारी पासी ने कहा है कि वर्तमान में समग्र शिक्षा के तहत प्रदेश में कई सहायक अध्यापक कार्यरत हैं। सहायक अध्यापक सेवा शर्त नियमावली 2021 के आलोक में इनके शैक्षणिक, प्रशिक्षण एवं शिक्षक पात्रता परीक्षा प्रमाण पत्रों के सत्यापन का कार्य अभी भी जारी है।

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शिक्षकों को अपने जिले के जिला परियोजना कार्यालय से संपर्क कर 5 दिसंबर तक अपने सभी प्रमाणपत्रों के सत्यापन के लिए कहा गया है। इस तिथि का पालन नहीं करने वाले शिक्षकों को 31 दिसंबर 2022 तक कार्य से मुक्त कर दिया जायेगा।

परियोजना निदेशक के मुताबिक 5 दिसंबर तक सहायक शिक्षकों को अपने जरूरी प्रमाण पत्र संबंधित जिला परियोजना कार्यालय में जमा कराने होंगे। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो यह माना जायेगा कि उनका शैक्षणिक, प्रशिक्षण एवं शिक्षक पात्रता परीक्षा पास प्रमाण पत्र अनियमित है।

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उनके पास वैध योग्यता नहीं है। ऐसे में पांच दिसंबर के बाद उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जायेगी। इस साल के अंत तक उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी और उन्हें ड्यूटी से मुक्त कर दिया जायेगा।

इसके बाद वे अपनी सर्विस नहीं दे पायेंगे। साथ ही जनवरी 2023 से उनके मानदेय का भुगतान नहीं किया जायेगा।