Breaking :
||घास काटने गयी 50 वर्षीय महिला के साथ पुलिसकर्मियों ने की हैवानियत, गैंगरेप के बाद गुप्तांग पर पैरों से हमला||लातेहार: कठपुलिया लूट का चंद घंटों में खुलासा, चार लुटेरे हथियार व सामान के साथ गिरफ्तार||दुमका में फिर सनकी प्रेमी ने युवती को जिंदा जलाया, रिम्स पहुंचने से पहले हुई मौत||पलामू में जन वितरण प्रणाली दुकानदार की गोली मारकर हत्या, पुलिस कर रही जांच||लातेहार: युवक हत्याकांड का खुलासा, भाभी ने ही करा दी देवर की हत्या, दो आरोपी गिरफ्तार||थर्ड रेल लाइन निर्माण कार्य में लगी कंपनी के साइट पर नक्सलियों का उत्पात, फायरिंग कर जेसीबी में लगायी आग||दुर्गा पूजा पर आयोजित कार्यक्रम देख लौट रही नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म||हजारीबाग: तीर्थयात्रियों से भरे बस और ट्रक की सीधी टक्कर में 4 की मौत, 30 घायल||लातेहार: ढाबा चलाने की आड़ में अफीम व डोडा पाउडर बेचने के आरोप में ढाबा संचालक गिरफ्तार||रांची: गैस रिफिलिंग की दुकान में रखे सिलेंडर में हुए विस्फोट से चार दुकानें जलकर राख

समस्या का समाधान नहीं हुआ तो 31 जुलाई से फुलबसिया, आरा, चमातू कोयला खदान क्षेत्र के रैयत करेंगे आंदोलन

'

रामकुमार/लातेहार

आरा, चमातु, फुलबसिया के दर्जनों ग्रामीणों ने मुखिया के नेतृत्व में उपायुक्त को दिया आवेदन

लातेहार : बालूमाथ प्रखंड के फुलबसिया, आरा, चमातू के दर्जनों भू-रैयतों ने लातेहार उपायुक्त को अपनी 6 सूत्री मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा है।

भूमि रैयतों का कहना है कि सीसीएल के मगध संघमित्रा द्वारा संचालित कोयला खदान क्षेत्र के रैयतों की बंदोबस्त भूमि पर विस्थापन नीति के तहत सीसीएल क्षेत्र में विकास की सुविधा दिए बगैर जबरन जमीन पर खनन कर रही है।

लातेहार की ताज़ा ख़बरों के लिए व्हाट्सप्प ग्रुप ज्वाइन करें

कहा कि यह जमीन हमारी रोजी-रोटी का जरिया है, अगर सीसीएल हमें बंदोबस्त भूमि के लिए नौकरी व मुआवजा नहीं देती है तो 31 जुलाई से हम रैयत हड़ताल करेंगे और सीसीएल का काम बंद कर देंगे। जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। आंदोलन के दौरान परिवहन सड़क, खनन और सीसीएल के किसी भी अन्य प्रकार के कार्य की अनुमति नहीं दी जाएगी।

आवेदन की कॉपी कई वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई है। इस परियोजना क्षेत्र में पीने का शुद्ध पानी नहीं है, अच्छा स्कूल नहीं है, चिकित्सा व्यवस्था नहीं है, यहां के लोगों को केवल धूल के कण मिल रहे हैं।

ज्ञापन दें आये दर्जनों विस्थापित रैयतों में रामनंदन साव, रवि प्रकाश, बालदेव साव, संदीप राम, बरतु गंझू, राम प्रवेश साव, रगबीर साव, ठुपा भगत, राजेन्द्र राम, खुसियाल साव, दिलेश्वर साव, मुकेश साव, रघुनंदन साव का का नाम शामिल है।