Breaking :
||झारखंड एकेडमिक काउंसिल कल जारी करेगा मैट्रिक और इंटर का रिजल्ट||लातेहार: चुनाव प्रशिक्षण में बिना सूचना के अनुपस्थित रहे SBI सहायक पर FIR दर्ज||ED ने जमीन घोटाला मामले में आरोपियों के पास से बरामद किये 1 करोड़ 25 लाख रुपये||झारखंड में हीट वेब को लेकर इन जिलों में येलो अलर्ट जारी, पारा 43 डिग्री के पार||सतबरवा सड़क हादसे में मारे गये दोनों युवकों की हुई पहचान, यात्री बस की चपेट में आने से हुई थी मौत||झारखंड: रामनवमी जुलूस रोके जाने से लोगों में आक्रोश, आगजनी, पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़, लाठीचार्ज||लातेहार में भीषण सड़क हादसा, दो बाइकों की टक्कर में तीन युवकों की मौत, महिला समेत चार घायल, दो की हालत नाजुक||बड़ी खबर: 25 लाख के इनामी समेत 29 नक्सली ढेर, तीन जवान घायल||पलामू: महुआ चुनकर घर जा रही नाबालिग से भाजपा मंडल अध्यक्ष ने किया दुष्कर्म, आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस||झामुमो केंद्रीय समिति सदस्य नज़रुल इस्लाम ने मोदी को जमीन में 400 फीट नीचे गाड़ने की दी धमकी, भाजपा प्रवक्ता ने कहा- इंडी गठबंधन के नेता पीएम मोदी के खिलाफ बड़ी घटना की रच रहे साजिश
Friday, April 19, 2024
पलामू प्रमंडललातेहार

लातेहार: चंदवा की नाबालिग के हत्यारों का केस न लेने की अपील, फांसी की सजा भी कम

लातेहार : चंदवा थाना अंतर्गत हाका गांव में पांच बदमाशों ने चौथी कक्षा की 10 वर्षीय दलित नाबालिग छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। इस संबंध में बालूमाथ निवासी पत्रकार सह समाजसेवी जावेद अख्तर ने लातेहार जिला बार एसोसिएशन को लिखे आवेदन में इस केस को न लड़ने की अपील की है।

जावेद अख्तर ने बार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राजमणि प्रसाद से मुलाकात के बाद दिये आवेदन में कहा है कि इस तरह के कृत्य की कितनी भी निंदा की जाये कम है। चंदवा पुलिस द्वारा इस गैंगरेप और हत्या में शामिल सभी पांच आरोपियों को पॉक्सो एक्ट और भादवि की अन्य धाराओं के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में लातेहार जेल भेज दिया गया है। ऐसा अमानवीय कृत्य करने वाले आरोपियों को कभी माफ नहीं किया जा सकता।

लातेहार, पलामू और गढ़वा की ताज़ा ख़बरों के लिए व्हाट्सप्प ग्रुप ज्वाइन करें

श्री अख्तर ने कहा कि इन आरोपियों को फांसी होनी चाहिए। मानवता को शर्मसार करने वाला यह जघन्य अपराध है। ऐसे आरोपियों की मदद नहीं की जानी चाहिए। अर्जी के अंत में जावेद अख्तर ने अध्यक्ष राजमणि प्रसाद से अनुरोध किया कि इस मामले को संज्ञान में लेते हुए बार एसोसिएशन यह फैसला करे कि कोई भी वकील इस तरह के कुकर्मों की पैरवी न करे और न ही किसी अभियुक्त का कोई वकील वकालतनामा दायर करे।