Breaking :
||पाकुड़ में करंट लगने से बाप-बेटे की मौत, बेटे को बचाने में गयी पिता की जान||झारखंड में IAS अधिकारियों का तबादला, केके सोन को परिवहन विभाग का अतिरिक्त प्रभार||बूढ़ा पहाड़ पहुंचे CRPF के DG कुलदीप सिंह, जवानों का बढ़ाया हौसला||वर्चस्व की लड़ाई में मारा गया JJMP कमांडर, लातेहार, रामगढ़ और रांची इलाके में था सक्रिय||शर्मनाक: पुलिस कर्मी पर जानवर से दुष्कर्म का आरोप, ग्रामीणों ने की मारपीट, आरोपी जवान निलंबित||BREAKING: पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में घायल सीआरपीएफ जवान की इलाज के दौरान मौत||15 लाख का इनामी माओवादी कमांडर विनय यादव गिरफ्तार, पलामू, लातेहार, गढ़वा व चतरा में हुए कई नक्सली हमलों में था शामिल||पलामू: अज्ञात वाहन की चपेट में आने से बाइक सवार दो युवकों की मौत, एक गंभीर||नहीं रहे कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव, दिल्ली एम्स में निधन, हार गए जिंदगी की जंग||बालूमाथ में राजद नेता पर जानलेवा हमला, गंभीर हालत में रिम्स रेफर

गढ़वा में मिला झारखंड का पहला मंकीपॉक्स का संदिग्ध मरीज, 7 साल की बच्ची में दिखे लक्षण

'

गढ़वा : कोरोना वायरस के बाद अब झारखंड में मंकीपॉक्स नाम की बीमारी ने दस्तक दे दी है। झारखंड का पहला मंकीपॉक्स का संदिग्ध मरीज गढ़वा में मिला है। जानकारी के मुताबिक शहर के टंडवा मोहल्ले की 7 साल की बच्ची में इस संक्रमण के लक्षण पाए गए हैं। जिसे गढ़वा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक मंकीपॉक्स होने की पुष्टि नहीं की है। लेकिन बताया जा रहा है कि बच्ची के शरीर में मंकीपॉक्स जैसे लक्षण हैं। यह भी कहा जा रहा है कि शरीर पर छाले, दर्द और कई अन्य लक्षण हैं।

बच्ची का इलाज गढ़वा सदर अस्पताल में चल रहा है। इस संबंध में जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि जिला सर्विलांस टीम बीमार बच्ची की स्थिति पर नजर रखे हुए है। फिलहाल उसका इलाज सदर अस्पताल के एक वार्ड में चल रहा है।

झारखण्ड की ताज़ा ख़बरों के लिए यहाँ क्लिक करें

उन्होंने बताया कि बीमार बच्ची को पोलीमरेज़ चेन रिएक्शन, ब्लड टेस्ट, सीरम टेस्ट और घाव के आसपास की परत के सैंपल लेकर आईसीएमआर एनआईवी पुणे भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ स्पष्ट कहा जा सकता है।

उन्होंने बताया कि मंकीपॉक्स का वायरस छूने पर ही एक दूसरे में ट्रांसफर होता है। वायरस हवा से नहीं फैलता है। फिर भी सावधानी बरतने की जरूरत है।

मंकीपाक्स कहना जल्दबाजी : सिविल सर्जन

गढ़वा सदर अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. कमलेश कुमार ने बताया कि बच्ची के लक्षणों को देखकर मंकीपॉक्स कहना जल्दबाजी होगी। बरसात के मौसम में ऐसी कई बीमारियां आ जाती हैं और लोग संक्रमित हो जाते हैं। फिलहाल बच्ची को जिला सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां इलाज चल रहा है। सिविल सर्जन ने कहा कि इसमें घबराने की जरूरत नहीं है। लड़की की कोई ट्रेवल हिस्ट्री भी नहीं है, ऐसे में मंकीपॉक्स का वायरस कहां से आएगा। हालांकि सैंपल की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ स्पष्ट कहा जा सकता है।