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झारखंड आंदोलनकारियों के साथ धोखा कर रही है सरकार, अब आवाज को दबाना मुश्किल : सूरज देव भगत

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गोपी कुमार सिंह/लातेहार

15 फरवरी से आहूत आंदोलनकारी घेरा डालो, डेरा डालो आंदोलन में भाग लेंगे

लातेहार : झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की एक बैठक बासावाड़ा हुई। जिसकी अध्यक्षता लातेहार जिला अध्यक्ष सूरज देव भगत ने की। इस सम्मेलन में लातेहार, चतरा एवं डाल्टनगंज जिला के आंदोलनकारी शामिल हुए।

सम्मेलन में 15 फरवरी से आहूत आंदोलनकारी घेरा डालो, डेरा डालो आंदोलन को सफल बनाने का निर्णय लिया गया है। सरकार के द्वारा आंदोलनकारियों के मान सम्मान, पहचान, नियोजन ,पेंशन, शिक्षा एवं स्वास्थ्य को लेकर हो रही उपेक्षा के खिलाफ प्रतिवाद करने का निर्णय लिया गया है. साथ ही झारखंड में बाहरी भाषाओं को लागू करने का भी विरोध किया जाना तय हुआ है।

जिला अध्यक्ष सूरज देव भगत ने कहा कि अब झारखंड आंदोलनकारियों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता है। गांव -गांव आंदोलकारियों ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष को तैयार है 15 फरवरी से आंदोलनकारी घेरा डालो – डेरा डालो आंदोलन को बाध्य है।

वही केंद्रीय सचिव कयूम खान ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों को आज अपने अस्तित्व की रक्षा के एक और उलगुलान की जरूरत है।

जबकि केंद्रीय सचिव रसीद खान ने कहा झारखंड आंदोलनकारियों के सम्मान से ही झारखंड अलग राज्य का सम्मान है।

इधर संघर्ष मोर्चा के प्रवक्ता पुष्कर महतो ने कहा आंदोलकारी अलग राज्य के बुनियाद है. इस बुनियाद के हिलते ही सत्ता हिल जाएगा। लातेहार ,डाल्टनगंज व चतरा की धरत्ती क्रांतिकारियों की धरती है। इस वीर भूमि के लोगों के मान- सम्मान, पहचान, नियोजन, पेंशन, स्वास्थ्य व शिक्षा से वंचित है. जिसके कारण झारखंड आंदोलनकारियों में आक्रोश है। सरकार आंदोलकारियों की भावनाओं के साथ खेलवाड होगा तो स्थिति भयावह होगी।

इस दौरान मुनेश्वर सिंह मुखिया, हरेश्वर उरांव, शांति देवी, स्टेलिन कुजूर, शंखनाद सिंह चेरो, गोपाल सिंह, सुरेश, घनश्याम सिंह पाहन, बिल्लू जी, कन्हैया सिंह, आफताब आलम, रामेश्वर उरांव, राजेश उरांव, अली हसन, वीरेंद्र ठाकुर, पंकज तिवारी, भुवनेश्वर माली, हरिंदर भुइयां, रामचंद्र, जमील अख्तर समेत अन्य लोग मौजूद थे।

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