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Saturday, March 2, 2024
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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कल ED करेगी पूछताछ, आदिवासी संगठनों ने निकाला आक्रोश मार्च, भाजपा ने कहा- भय का माहौल बनाने की कोशिश, ED कार्यालय की बढ़ायी गयी सुरक्षा

रांची : जमीन घोटाला मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से 20 जनवरी को ईडी पूछताछ करने वाली है। इस दौरान विधि-व्यवस्था ना बिगड़े इसे लेकर ईडी ने झारखंड के मुख्य सचिव और डीजीपी को गुरुवार रात पत्र लिखा है। इसके अलावा ईडी की ओर से रांची एसएसपी को भी पत्र लिखा गया है।

ईडी के पत्र मिलने के बाद पुलिस की ओर से मुख्यमंत्री हाउस, ईडी के रांची जोनल ऑफिस के बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये जा रहे हैं। बताया जाता है कि ईडी के अफसर जो मुख्यमंत्री हाउस में पूछताछ के लिए जायेंगे, उनके लिए भी ईडी कार्यालय से मुख्यमंत्री आवास तक विशेष तौर पर स्कॉट की व्यवस्था की गयी है। सूत्रों ने बताया कि ईडी के अधिकारी 20 जनवरी को लगभग 12 बजे मुख्यमंत्री आवास पहुंचेंगे और मुख्यमंत्री से पूछताछ करेंगे।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आठवें समन के बाद ईडी को पत्र भेजा और यह बताया कि ईडी की टीम 20 जनवरी को मुख्यमंत्री आवास आकर उनका बयान दर्ज कर सकती है।

केंद्रीय सरना समिति के नेतृत्व में आदिवासी संगठनों से जुड़े लोगों ने शुक्रवार को मोरहाबादी मैदान से राजभवन तक आक्रोश मार्च निकाला। ईडी के मुख्यमंत्री को समन भेजने के विरोध में विभिन्न आदिवासी संगठनों के लोग एकजुट हुए हैं। सभी सरना झंडा और तख्तियां लिए हुए थे। तख्तियां में लिखा था कि आदिवासी मुख्यमंत्री को प्रताड़ित करना बंद करो, केंद्र सरकार होश में आओ।

मौके पर केंद्रीय सरना समिति अध्यक्ष अजय तिर्की ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तुम बढे चलो हम तुम्हारे साथ हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से आदिवासी मुख्यमंत्री को परेशान किया जा रहा है। यदि केंद्र की भाजपा सरकार का यही रवैया रहा तो आने वाले दिनों में विरोध का स्वरूप और तेज होगा। उन्होंने कहा कि ईडी वाले भाजपा शासित राज्यों का रास्ता क्यों भूल जाते हैं। साथ ही कहा कि मुख्यमंत्री से ईडी की पूछताछ पर आदिवासी समाज की नजर है। यदि ईडी ने मुख्यमंत्री को अपमानित करने की कोशिश की तो जिस तरह से बंगाल में ईडी पर पत्थर चला था, यहां तीर-धनुष चलेगा। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को हाथ भी लगाया गया तो झारखंड में आग लगा देंगे।

गौरतलब है कि जमीन से जुड़े मामले में बयान दर्ज कराने के लिए ईडी ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को एक के बाद एक आठ समन भेजा है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने 20 जनवरी को ईडी को मुख्यमंत्री आवास आकर पूछताछ करने पर सहमति दी है। ऐसे में आदिवासी संगठन इस बात को लेकर आक्रोश जता रहे हैं कि केंद्र के इशारे पर ईडी काम कर रहा है और एक आदिवासी मुख्यमंत्री की छवि खराब की जा रही है।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने शुक्रवार को राज्य सरकार पर बड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से ईडी की पूछताछ के पहले सत्ताधारी गठबंधन के जरिए पूरे राज्य में आक्रोश और भय का माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने तो ईडी के अधिकारियों पर हमले का आह्वान किया था। झामुमो के प्रवक्ता कह रहे कि जनता में आक्रोश है और कुछ भी हो सकता है।

प्रतुल ने कहा कि जनता में इस बात को लेकर जरूर आक्रोश है कि मुख्यमंत्री की सरकार ने चार वर्ष तक सिर्फ भ्रष्टाचार किया। आदिवासी मूलवासी का कोई विकास नहीं हुआ। अगले चुनाव में प्रदेश के आदिवासी मूलवासी हेमंत सरकार को उखाड़ फेकेंगे। उन्होंने कहा आज जिस तरीके से राजभवन के आस पास निषेधाज्ञा लगे होने के बाद भी प्रदर्शनकारियों को जाने की छूट थी। वह साफ दिख रहा है कि राज्य सरकार अपने दायित्व का निर्वाह नहीं कर रही।

प्रतुल ने कहा ये सब सरकार प्रायोजित था। सत्ताधारी गठबंधन के इशारे पर प्रदेश में ऐसा दिखाया जा रहा है कि विधि व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो रही है जबकि वास्तविकता में ऐसा बिल्कुल नहीं है। प्रदेश की जनता इस भ्रष्ट सरकार से मुक्ति चाहती है। साथ ही कहा कि अब तो सत्ताधारी गठबंधन के नेता मर्यादा छोड़कर राजभवन और राज्यपाल पर भी निशाना साध रहे हैं।

ईडी के रांची स्थित क्षेत्रीय कार्यालय के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गयी है। ईडी के खिलाफ आदिवासी संगठनों के आक्रोश को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गयी है। एहतियात बरतते हुए कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए पुलिस तैनात की गयी है।

पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय में अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया गया है। ईडी कार्यालय को बैरिकेडिंग कर घेर दिया गया है। शुक्रवार को आदिवासी संगठनों ने ईडी द्वारा आदिवासी सरकार और आदिवासी मुख्यमंत्री को अस्थिर करने का प्रयास का आरोप लगाते हुए मोरहाबादी मैदान से राजभवन तक मार्च करेंगे और वहां धरना-प्रदर्शन करेंगे। इसे लेकर राजभवन से लेकर मोरहाबादी मैदान तक भी पुलिस बल की तैनाती की गयी है।

गौरतलब है कि 20 जनवरी को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूछताछ होनी है। विधि-व्यवस्था बनाये रखने के लिए ईडी ने मुख्य सचिव, डीजीपी और रांची एसएसपी को भी पत्र लिखा था। ईडी झारखंड में अवैध खनन, जमीन फर्जीवाड़ा, शराब घोटाला सहित अन्य मामले की जांच कर रही है।

Jharkhand ED interrogate CM Hemant Soren