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लातेहार: सूखे की स्थिति से निपटने के लिए कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने की बैठक कहा- फसल राहत योजना के तहत किसानों को दिया जाएगा मुआवजा

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लातेहार : कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने इस साल कम बारिश से सूखे की आशंका को देखते हुए सूखे की स्थिति से निपटने के लिए उपायुक्त लातेहार भोर सिंह यादव समेत जिले के अधिकारियों के साथ बैठक की।

जिले में मात्र 3 प्रतिशत ही हुई है धान की बुआई

उन्होंने कहा कि लातेहार जिले में आकर उन्होंने देखा कि अभी तक बहुत कम खेतों में धान बोया गया है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जिले में अब तक मात्र 3 प्रतिशत धान की ही बुआई हुई है।

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सूखे की स्थिति से निपटने के लिए आकस्मिक कार्य योजना तैयार करने के निर्देश

कृषि मंत्री ने सूखे की स्थिति से निपटने के लिए आकस्मिक कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कम बारिश में धान और मोटे अनाज की विभिन्न किस्मों की खेती की जानी चाहिए। उन्होंने सूखे की स्थिति से बचने के लिए पशुपालन को बढ़ावा देने की भी बात कही। साथ ही कृषि मंत्री ने कहा कि सूखे की रोकथाम के लिए जिले में सिंचाई सुविधा विकसित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि तालाब, अहार, बांध आदि जलाशयों का कायाकल्प कर जिले में सिंचित कृषि क्षेत्र को बढ़ाया जाए।

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इसके अलावा उन्होंने जिला सांख्यिकी पदाधिकारी को निर्देश दिया कि जिले में बुआई एवं बुआई के बाद बिचड़ों की जीवित रहने की स्थिति का सही ढंग से आंकलन कर रिपोर्ट तैयार करने की बात कही। ताकि सरकार को वास्तविक स्थिति का पता चल सके।

फसल को नुकसान होने पर झारखंड राज्य फसल राहत योजना के तहत दिया जाएगा मुआवजा

कृषि मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने सूखे की स्थिति को देखते हुए झारखंड राज्य फसल राहत योजना लागू की है। इसके तहत सूखे की वजह से 30 से 50 फीसदी तक फसल को नुकसान होने पर 3000 रुपये प्रति एकड़ और अधिकतम 15000 रुपये दिए जाएंगे। फसल को 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान होने पर 4000 रुपये प्रति एकड़ और अधिकतम 20000 रुपये दिए जाएंगे।

बैठक में जिला क़ृषि पदाधिकारी लातेहार रामशंकर प्रसाद सिंह समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थिति थे।